1 दशक बाद सामान्य वर्ग से बनेगा न.पा. अध्यक्ष, भोपाल से खबर आते ही दावेदारों ने बांधे घुंघरु

न.पा. अध्यक्ष

बड़वाह. भोपाल में नगरीय निकाय पदाधिकारियों के लिए आरक्षण की घोषणा होते ही यह तय हो गया कि 10 वर्षो के बाद एक बार पुनः न.पा. अध्यक्ष पद पर सामान्य वर्ग का पदाधिकारी निर्वाचित होगा।

अध्यक्ष पद अनारक्षित रहने कि खबर नगर में गुजते ही भाजपा व कांग्रेस से न.पा. अध्यक्ष पद कि दावेदारी करने वाले नेताओ के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। इसके साथ ही दावेदारों ने अपने अपने समर्थको को अपने पक्ष में माहौल बनाने कि जिम्मेदारी सौप दी।

वैसे तो दावेदारो कि लाइन में अनेक नेता अपने आप को प्रस्तुत कर रहे है लेकिन ना तो पार्टिया और ना ही आम नागरिक इनको गभीर दावेदार मान रहा है।

कांग्रेस से तीन नाम उछले

बडवाह विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का विधायक होने से काग्रेसियो को यह उम्मीद बधी है कि काग्रेस का प्रत्याशी लगातार तीसरी अध्यक्ष पद पर काबिज हो सकता है। विगत परिषद में कांग्रेस का अध्यक्ष और परिषद में भाजपा का बहुमत रहा है।

यही कारण रहा कि अध्यक्ष भले ही कांग्रेस का रहा हो लेकिन उपाध्यक्ष पद भाजपा कि झोली में आया है।विधायक होने से कांग्रेस नेताओ को उम्मीद है, कि अध्यक्ष पद पर चुनावी विजय हासिल करने के साथ ही परिषद में भी कांग्रेस बहुमत ला सकती है।

बुधवार को कांग्रेस खेमे से शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश रोकडिया संजय गुप्ता रमिन्द्र सिंह भाटिया के नाम सामने आये है|निलेश रोकडिया जहा विधायक सचिन बिरला के खासमखास है वही संजय गुप्ता रोगी कल्याण समिति का कार्य देख रहे है।

रमिन्द्र सिंह भाटिया तीन बार के पार्षद होने के साथ अरुण यादव समर्थक सहकारिता नेता कुलदीपसिंह भाटिया के दामाद है। इन तीन नामो के अतिरिक्त पूर्व पार्षद अखिलेश व्यास व पूर्व न.पा. अध्यक्ष बाबूलाल जैन,

के परिवार से तालुक रखने वाले युवा नेता आशीष जैन पूर्व न.पा. अध्यक्ष विष्णु वर्मा व अन्य भी अपनी दावेदारी कि ताल थोक रखे हैं। विष्णु वर्मा पूर्व में पत्नी अनीता वर्मा को काग्रेस के टिकिट पर चुनाव मैदान में उतार चुके थे लेकिन चुनाव में उन्हें बुरी तरह से हार का मुह देखना पड़ा था।

भाजपा में दावेदारों कि भीड़

प्रदेश कि सत्ता में वापसी के बाद बुरी तरह गुटबाजी का शिकार भाजपा दावेदारों कि एक लम्बी लाइन है।इनमे नगर मंडल अध्यक्ष चंद्रपालसिंह तोमर निखलेश खंडेलवाल पूर्व न.पा. उपाध्यक्ष सुरेन्द्र पंड्या के समर्थको में नाम आगे करना प्रारम्भ कर दिया है।

इसी के साथ सामान्य वर्ग का नही होते हुए भी न.पा. अध्यक्ष गणेश पटेल वरिष्ठ पार्षद रघुनाथ जाट भी दावेदारी कि ताल ठोक रहे है। इन नामो के अतिरिक्त महाविधालय के पूर्व अध्यक्ष दीपक ठाकुर जिला भाजपा पूर्व उपाध्यक्ष जितेन्द्र सुराणा सहित अन्य नेताओ के समर्थक अपने अपने नेताओ का नाम आगे बढ़ा रहे है।

उलेखनीय है कि पाच वर्ष पूर्व नपाध्यक्ष का पद सामान्य वर्ग कि महिला के लिए आरक्षित था इसको देखते हुए भाजपा ने सुरेन्द्र पंड्या कि पत्नी ममता पंड्या को चुनावी मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें चुनाव जितने में सफलता नही मिली।

स्पाक्स भी उतार सकती हैं प्रत्याशी

अध्यक्ष पद अनारक्षित रहने से भाजपा कांग्रेस के अतिरिक्त सपाक्स ने भी अपनी चहलकदमी तेज कर दी है|इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि नपा चुनाव में सपाक्स भी अपना दमखम दिखा सकती है। सपाक्स कि और से विधानसभा प्रत्याशी रहे हेमेन्द्र पगारे ने पत्रिका को बताया,

कि चुनाव लड़ने के सबंध में भोपाल वरिष्ठ नेताओ से चर्चा कि जाएगी। इसके बाद ही प्रत्याशी घोषित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष पद सहित सभी 18 वार्डो में बेदाग़ छवि के युवाओ को जनसेवा का अवसर दिया जायेगा।

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