डंडा मारकर कुत्तों का जबड़ा तोड़ने के निर्दयतापूर्ण कृत्य की, पशु प्रेमियों ने की थाने में शिकायत

कुत्ते
(प्रतीकात्मक चित्र) कुत्तों को क्रूरतापूर्वक चिमटे से पकड़ने व जबड़ा तोड़ने पर हुई शिकायत कुत्तों को सुअर की तरह तार बांधकर पकड़ने, कुत्तों के दांत डंडा मारकर जबड़ा तोड़ने के निर्दयतापूर्ण कृत्य की पशु प्रेमियों द्वारा थाने पर हुई शिकायत कार्यवाही न होने पर न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे परिवाद

बड़वाह. नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा बड़वाह नगर की गलियों में कुत्तों पकड़ो अभियान चलाया। जिसमें उनके द्वारा क्रूरता-पूर्वक कुत्तों को चिमटे से पकड़कर घसीटते हुए ले जाया गया एवं उन्हें पकड़ने में जिस तरह सुअर को फँदा डालकर पकड़ा जाता है,

उस प्रकार मूंह में तार का फंदा डालकर पकड़ा गया, जिससे कुत्तों के मुंह में दांतों में तार फंस जाने से कुत्तों के दांत भी टूट गए एवं डंडा मारकर भी कुत्तों के जबड़े व दांत तोड़े गए, जिनके विडियो भी सोशल मिडिया पर लोगों के द्वारा देखे गए।

इस पशु क्रूरता को जिसने भी देखा उसे बेहद अफसोस होकर इस प्रकार से पशु क्रूरता किए जाने का विरोध किया। नगर पालिका कर्मचारियों को सी.एम.ओ. बड़वाह द्वारा सी.एम. हेल्पलाईन में किसी अजय चैहान द्वारा की गई शिकायत के संदर्भ में उक्त कार्यवाही के लिए आदेशित किया जाना बताया जा रहा है,

किन्तु नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा जिस निर्दयतापूर्वक कुत्तों को तार व चिमटे से पकड़ घसीटकर ले जाते पाया गया उसका चहुं ओर विरोध होकर नगर के पशु प्रेमियों द्वारा लिखित शिकायत पुलिस थाना बड़वाह पर दी गई एवं आवश्यक कानूनी कार्यवाही की मांग की।

शिकायत में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का हवाला दिया जाकर नगरपालिका सी.एम.ओ. राधेश्याम मण्डलोई, सुपरवाईजर कैलाश जायसवाल, जमादार मनोहर डुलगज एवं सी.एम.हेल्पलाईन में शिकायतकर्ता अजय चैहान की शिकायत को असत्य बताते हुए उसके द्वारा की गई। असत्य शिकायत पर हुई कार्यवाही को अपराध बताते हुए उसके विरूद्ध भी कार्यवाही की मांग की गई है।

नगर पालिका बड़वाह का उक्त कृत्य पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अधीन अपराध होने के साथ एनिमल बर्थ कंट््रोल एक्ट 2001 व भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड की गाईडलाईन के विरूद्ध होने के साथ माननीय् उच्च न्यायालय के 2001 के नियमों के पालन के संबंध में किए गए विभिन्न निर्णयों के उल्लंघन में किया गया कृत्य है।

नगर में एनिमल वेल्फेयर सोसायटी के माध्यम से विगत 10 वर्षों से गंभीर से गंभीर जहरिले प्राणियों के रेस्क्यू ऑपरेशन करने वाले टाॅनी शर्मा के गुरूनानक मार्ग से उनके पालतू कुत्ते को भी इसी प्रकार से निर्दयतापूर्वक पकड़कर ले जाया गया। जबकि कुत्ता रेबिज के टीके लगा होकर उसकी नसबंदी करवाई जा चुकी थी।

एवं वह सामान्य कुत्ता होकर उसकी कोई कहीं शिकायत भी नहीं थी, उनके द्वारा भी लिखित शिकायत कर कानूनी कार्यवाही किए जाने का निवेदन किया। प्रशु प्रेमी संघ एवं एनिमल वेल्फेयर के लिखित आवेदन पर पुलिस बड़वाह द्वारा यदि गंभीरतापूर्वक संज्ञान नहीं लिया जाता है,

तो उनके द्वारा न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करने का विकल्प सुरक्षित रखा गया है, जिससे भविष्य में किसी के द्वारा भी पशुओं के साथ निर्दयतापूर्वक कोई कृत्य कारित न किया जा सके। पशुप्रेमी संघ के श्री अखिलेश खण्डेलवाल द्वारा कुत्तों को प्रतिदिन 40 से 50 रोटियां बनवाकर खिलाई जा रही हैं आपके द्वारा पूरे लाॅकडाउन के दौरान एवं निरंतर कुत्ते, गाय एवं अन्य प्राणियों को यथासंभव भोजन उपलब्ध कराया गया है।

श्री कपील तिवारी अपने ढाबे पर नियमित रूप से 10 से 15 कुत्तों को भोजन पानी देते हैं। ऐसे ही मिताली पाल व गुडलक पाल द्वारा अपने घर से 10 से अधिक कुत्तों को पाला जाकर अन्य प्राणियों को निरंतर भोजन पानी दिया जा रहा है।

यश राणा द्वारा भी नगर में गाय, कुत्तों, सांप पकड़ने व अन्य प्रकार से पशुओं की सेवा दी जा रही है। इन सभी ने पशु क्रूरता की घोर निंदा करते हुए सभी नगर वासियों से पशुओं के प्रति दया भावना के प्रकटीकरण की अपेक्षा की है।

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