अवनी बनी भारतीय वायुसेना के राफेल स्क्वाड्रन में शामिल होने वाली पहली महिला पायलट

अवनी वायुसेना भरतीय राफेल लड़ाकू विमान

NEW-DELHI.भारतीय वायु सेना (IAF) की एक महिला फाइटर पायलट जल्द ही नए शामिल किए गए राफेल लड़ाकू बेड़े में शामिल हो जाएगी, क्योंकि इसके एक चालक दल ने फ्रांसीसी मल्टी-रोल विमान उड़ाया था।

राफेल के पहले 2018 में मिग-21 लड़ाकू विमान उड़ा चुकी है अवनी

2018 में, Flying officer अवनी चतुर्वेदी ने अपनी एकल उड़ान में मिग -21 बाइसन उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया था। महिला पायलट मिग-21 लड़ाकू विमानों को उड़ा रही है, तथा उनको राफेल विमान का प्रचालन करने वाली अंबाला में मौजूद गोल्डन-एरो-स्क्वाड्रन में शामिल करने के लिए चयनित गया है.

फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी को कड़े चयन प्रक्रिया के बाद राफेल जेट उड़ाने के लिए चुना गया था और वर्तमान में उनका प्रशिक्षण चल रहा है।

चतुर्वेदी जुलाई 2016 में सरकार द्वारा महिलाओं के लिए लड़ाकू धारा खोलने के एक साल से भी कम समय में उड़ान अधिकारियों के रूप में कमीशन की गई तीन सदस्यीय महिला टीम का हिस्सा थीं। अन्य दो महिला पायलटों में भावना कंठ और मोहना सिंह थीं।

वर्तमान में, INDIAN AIR FORCE में 10 महिला FIGHTER PILOT (लड़ाकू पायलट) और 18 महिला Navigator मौजूद हैं। INDIAN AIRFORCE में सेवा-रत महिला अधिकारियों के पद की कुल संख्या 1875 है।

पिछले सप्ताह, रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद ने संसद में यह बताया कि “महिला FIGHTER PILOT’S को रणनीतिक जरूरतों और परिचालन आवश्यकता के हिसाब से ही भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाता है।”

5 फ्रांसीसी निर्मित मल्टीरोल राफेल लड़ाकू जेट विमानों को 10 सितंबर को अम्बाला वायुसेना अड्डे पर भारतीय वायुसेना के गोल्डन एरो स्क्वाड्रन में शामिल किया गया था।

भरतीय वायुसेना में 10 राफेल विमान दिए गए हैं, और उनमें से 5 भारतीय AIRFORCE के पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए फ्रांस गए हैं। सारे 36 राफेल विमानों की डिलीवरी 2021 के अंत तक पूरी होने वाली है। 4 से 5 राफेल जेट विमानों का दूसरा जत्था नवंबर तक भारत आने की उम्मीद है।

4.5 Generation के विमान के रूप में जाना जाता है, राफेल को सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है और इसे एक ‘omnirole’ विमान के रूप में वर्णित किया जाता है जो एक ही उड़ान में कई मिशनों को अंजाम दे सकता है।

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