बंगाल गैंग रेप पीड़िताओं ने पहुंची Supreme Court, TMC कार्यकर्ताओ पर लगाए आरोप

Supreme Court

New-Delhi. West Bengal में विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा के दौरान कई जगहों पर BJP कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। ऐसे ही दो BJP कार्यकर्ताओं के परिवार ने Supreme Court का दरवाजा खटखटाया था.

Supreme Court ने इस मामले को लेकर सख्ती दिखाई थी, और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी. अब इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने न्याय के लिए Supreme Court का दरवाजा खटखटाया है, जिन्होंने उन पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है.

साथ ही उन्होंने हिंसा की सभी घटनाओं और पुलिस की निष्क्रियता की जांच के लिए SIT जांच की मांग की है. उनका आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी TMC के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है. Supreme Court में,

इन महिलाओं ने गुजरात में गोधरा कांड के बाद Supreme Court द्वारा की गई कार्रवाई का हवाला दिया. इन महिलाओं ने इसी मामले की तरह ही Supreme Court की निगरानी में बंगाल में सामूहिक बलात्कार और हिंसा की घटनाओं की SIT जांच की मांग की है.

उनका कहना है कि ये घटनाएं राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हैं. ऐसी ही एक 60 साल की महिला ने Supreme Court में अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। महिला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद TMC कार्यकर्ता उनके घर में घुस गए.

उनका घर पूर्व मेदिनीपुर में स्थित है। इसके बाद उसने उसके 6 साल के पोते के सामने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने घर का सारा कीमती सामान लूट लिया। यह घटना 4 और 5 मई की दरम्यानी रात की है.

महिला ने बताया है कि खेजुरी विधानसभा सीट बीजेपी के जीतने के बावजूद 3 मई को 100 से 200 टीएमसी कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उनके घर को घेर लिया था. इस दौरान भीड़ ने उनके घर को बम से उड़ाने की धमकी भी दी थी.

इस घटना के बाद उसकी बहू अगले दिन घर से निकल गई। 4 और 5 मई की दरम्यानी रात को 5 TMC कार्यकर्ता उनके घर में घुसे. उसने उनके साथ मारपीट की और उन्हें बांध दिया। इसके बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

ये सारी बातें महिला ने अपनी याचिका में कही है। महिला ने बताया है कि अगले दिन पड़ोसियों ने उसे बेहोशी की हालत में पाया और अस्पताल में भर्ती कराया. उन्होंने आरोप लगाया है, कि जब उनके दामाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की,

तो पुलिस ने उनकी अनदेखी की. महिला का कहना है कि टीएमसी कार्यकर्ता बदला लेने के लिए रेप को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे थे. इसके साथ ही 17 साल की एक नाबालिग लड़की ने भी Supreme Court का दरवाजा खटखटाया है.

यह लड़की अनुसूचित जनजाति की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी मांग की है कि TMC कार्यकर्ताओं के साथ गैंगरेप की घटना की SIT या CBI जांच होनी चाहिए. उनकी मांग है कि मामले की सुनवाई शहर से बाहर की जाए।

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