उपचुनाव तय करेंगे MP में सरकार का भविष्य, 64 लाख मतदाता के हाथ में, 7 करोड़ का भविष्य

मतदाता उपचुनाव

भोपाल. मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। 28 विधानसभा क्षेत्रों के 63.88 लाख मतदाता के हाथ प्रदेश के 7 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं का भविष्य है.

2019 के लोकसभा चुनाव के समय मध्य प्रदेश में कुल मतदाता की संख्या 7.06 करोड़ थी। इस तरह से अब केवल 28 विधानसभा क्षेत्रों के लोगों के हाथ 230 विधानसभा क्षेत्रों का भविष्य है। चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 28 विधानसभा क्षेत्रों में 9361 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.

और इसके लिए 56000 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है । मतदान के लिए 24000 ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। इस तरह से प्रदेश के इतिहास के महा-उपचुनाव की तैयारियां हो गई हैं। इस बार मतदान के लिए तीन पंक्तियां बनाई जाएंगी। महिला और पुरुष के अलावा तीसरी पंक्ति वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाता की होगी।

ऐसी होगी मतदान केंद्र में व्यवस्था

मतदाता को मतदान केंद्र में घुसने से पहले साबुन से हाथ धोने पड़ेंगे या सैनिटाइज करने होंगे, जो मतदाता मास्क पहनकर नहीं आएंगे, उन्हें मतदान केंद्र पर ही मास्क उपलब्ध कराया जाएगा. ईवीएम का बटन दबाने के लिए उन्हें वहां पर ग्लब्स दिए जाएंगे,

जो कि मतदान के पश्चात वहीं डस्टबिन में डाल दिए जाएंगे। बाहर निकलते समय भी मतदाता को साबुन से हाथ धोने होंगे या सैनिटाइज करने होंगे। दो मतदाता के बीच 6 फुट की दूरी भी सुनिश्चित की जाएगी।

नगर निगम पर लागू नहीं आचार संहिता

चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए लगाई जाने वाली आचार संहिता के नियमों में संशोधन कर दिया है। इसके तहत जिन जिलों में नगर निगम है, वहां आचार संहिता केवल उस विधानसभा सीट के क्षेत्र में लागू होगी।

शेष जिलों में आचार संहिता पूरे जिले में लागू रहेगी। इंदौर जिले में नगर निगम होने के चलते यहां पर आचार संहिता केवल सांवेर विधानसभा क्षेत्र में ही लागू रहेगी। आयोग ने पहली बार उपचुनाव के लिए इस तरह की व्यवस्था की है।

एक घंटे पहले खत्म होगा मतदान

मतदान निर्धारित समय पर सुबह सात बजे शुरू होगा, लेकिन सामान्य मतदाता के लिए शाम 5 बजे समाप्त हो जाएगा, क्योंकि आयुक्त निर्देशानुसार अंतिम घंटे में वे लोग वोट डाल पाएंगे,

जिनमें कोरोना के लक्षण (जैसे बुखार आदि) हैं। इनके मतदान के दौरान मतदान केंद्रों पर मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। कोरोना पॉजिटिव और 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता के घर डाक मतपत्र पहुंचाए जाएंगे।

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