चेम्बर ऑफ कॉमर्स को व्यापारियो के स्वास्थ की नही है चिंता, सरकार के भरोसे न रहे व्यापारी

व्यापारी व्यापारियो

  • बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिये लॉकडाउन की दरकार।
  • सरकार के भरोसे मत रहो व्यापारी खुद ले निर्णय।

मनीष मड़ाहर खरगोन. खरगोन में जिस तरह से दिन ब दिन कोरोना के मरीज़ों के आंकड़े बढ़ रहे है मात्र 15 दिन में 1500 केस आने से लोगो मे कोरोना को लेकर डर और ख़ौफ़ बड़ा गया है। 3000 के करीब केस आने के बाद आज खरगोन पूरी तरह से खोल दिया गया है.

इंदौर, बड़वानी,खंडवा बड़ौदा- सूरत बस शुरू हो चुकी है लोगो की आवजही बढ़ चुकी है। खरगोन में जितने भी केस आये है, वो बाहर से आने वाले लोगो के कारण ही आये है। 3 माह पहले जब खरगोन पुरी तरह लोकडाउन था.

तब कोरोना वायरस पूरी तरह से नियंत्रण में था। प्रशासन सख्त था दुकानो को खोलने की अनुमति नही थी। चेम्बर ऑफ कॉमर्स की पहल पर व्यापारियो को शर्तो के आधार पर प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति दी गई थी।

जिसका व्यापारियो ने कोई पालन नहीं किया। व्यापारी खुद भी दुकानों पर मास्क लगाकर नही बैठे एवं ग्राहकों को भी बिना मास्क के दुकानो पंर आने से नही रोका ओर बिना मास्क के ग्राहकों पंर ध्यान नही दिया. हर दुकानो पंर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नही किया।

दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को सेनीटाइज भी उपलब्ध नहीं कराया जिसका नतीजा यह हुआ कि व्यापारियो के साथ आम जनता भी कोरोना की चपेट में आ गई। आज खरगोन में कई व्यापारी और उनके परिजन करोना से संक्रमित है।

कई लोग एवं कई व्यापारियो की असमय मौत होने के बाद भी व्यापारी लापरवाही करने से बाज नही आ रहे। खरगोन के सराफा व्यापारियो की रिपोर्ट पोसिटिव आने के बाद ओर परिजनों के सेमपल देने के बाद भी दुकानो को खोलना जारी रखा।

नतीजा खुद भी संक्रमित हुए और लोगो को भो संक्रमित किया. केस ज्यादा आने के बाद प्रशासन की मुश्किलें बढ चुकी है, इसलिये प्रशासन ने अब सख्ती छोड़ दी। ऐसी मुश्किल घड़ी में चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों और पदाधिकारीयो को खरगोन में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिये कोई कारगर कदम उठाना होगा।

हाल फिलहाल में खरगोन को पुनः लॉकडाउन किया जाना अति आवश्यक है। प्रदेश में इंदौर, करहि, रतलाम एवं अन्य कई शहरों के व्यापारियो ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान 1 हफ्ते के लिए बंद करने का निर्णय लिया है.

ऐसे में खरगोन में चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने एक बैठक बुलाकर व्यापारियो के स्वास्थ्य के हितों को ध्यान में रखते हुए खरगोन में 1 हफ्ते या 15 दिनों का लॉकडाउन लगाने के लिए एवं अपने प्रतिष्ठानों को खोलने और बंद करने के समय का निर्धारण करना अति आवश्यक हो गया है।

व्यापारियो ने कहा जान है तो जहांन है, पुनः लॉकडाउन लगाने की मांग की

जान है तो जहांन है पैसा तो अगले साल भी कमाया जा सकता है। लेकिन परिवार के मुखिया या बुज़ुर्ग माता पिता की गई हुई जान को वापस नही लाया जा सकता. विदेशों में भी पुनः लॉकडाउन लगाया जा रहा है। ऐसे में हम क्यो पीछे रहे। प्रदेश के अन्य शहरों की तरह खरगोन को लॉकडाउन करने के लिये खरगोन की जनता खुद आगे आये तो ही कोरोना को हराया जा सकता है ।

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