CoWIN हैक हो गया, खतरे में है 15 करोड़ भारतीयों का डेटा, सरकार ने दी सफाई

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नई-दिल्ली. अभी हाल ही में कुछ ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं जिनमें कहा गया था कि भारत के वैक्सीन रजिस्ट्रेशन पोर्टल CoWIN को हैकर्स ने हैक कर लिया है। अब इस तरह की खबरों पर केंद्र सरकार की ओर से सफाई भी आई है।

गुरुवार को, सरकार ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि CoWIN को हैक कर लिया गया है और 15 करोड़ भारतीयों का डेटा खतरे में है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कुछ ऐसी अज्ञात मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है,

कि CoWIN प्लेटफॉर्म को हैक कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया ऐसी खबरें फर्जी लगती हैं। सभी टीकाकरण डेटा पोर्टल पर पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि मिनिस्ट्री और एम्पावर्ड ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन (EGVAC) इस मामले की जांच कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम से करवा रही है।

ईजीवीएसी के अध्यक्ष डॉ आरएस शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर ‘कोविन’ की हैकिंग से जुड़ी खबरों को देखने के बाद हमारा ध्यान इस ओर गया है। इस मामले में हम आश्वस्त करना चाहेंगे कि ‘CoWIN’ पर सभी डेटा एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण में मौजूद है।

इस परिवेश से बाहर किसी के साथ किसी भी प्रकार का कोई डेटा साझा नहीं किया जाता है। आपको बता दें कि डार्क लीक मार्केट नाम के एक हैकर ग्रुप ने कुछ समय पहले एक ट्वीट के जरिए दावा किया था कि उनके पास करीब 15 करोड़ भारतीयों का डेटाबेस है,

जिन्होंने CoWIN पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया है और वे इसे 800 डॉलर में रीसेल कर रहे हैं। क्योंकि उन्होंने मूल रूप से डेटा लीक नहीं किया है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि डेटा लीक करने का दावा करने वाला यह हैकर ग्रुप भी फर्जी है।

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