इंदौर के कैंसर अस्पताल में पी. पी. पी. मॉडल पर लीनियर एक्सील रेटर का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण!

पी. पी. पी. कैंसर अस्पताल

राजेंद्र सचदेव इंदौर. शहर के शासकीय कैंसर हॉस्पिटल में रेडियो थैरेपी के लिए दो लीनियर एक्सील रेटर मशीन लगाने का निर्णय लिया है शासकीय कैंसर अस्पताल मैं यह मशीनें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत लगाई जाएंगी.

प्रबंधन का दावा है इसके लगाने से कैंसर पीड़ित मरीजों को रेडियो थैरेपी से फायदा होगा, और कम खर्च पर आधुनिक इलाज मिल सकेगा. कैंसर अस्पताल में वर्तमान में जो मशीन है वह काफी पुरानी है, और ओल्ड मॉडल की है इंदौर के प्राइवेट अस्पतालों में रेडियो थैरेपी की आधुनिक मशीनें आ गई है.

और उनसे कैंसर के मरीजों का उपचार किया जाता है शासकीय कैंसर अस्पताल में वर्षों पुरानी मशीन है जो अक्सर खराब रहती है प्रबंधन का यह निर्णय पी. पी. पी. मॉडल के तहत मशीनें लगाई जाएंगी, और कम खर्च पर मरीजों को इलाज हो पाएगा.

वास्तव में इंदौर का शासकीय कैंसर अस्पताल एक ऐसा अस्पताल है. जहां कैंसर के मरीजों को मुफ्त इलाज प्राप्त हो पाता है परंतु इस अस्पताल में पीपीपी मॉडल से यह मशीनें लग जाएगी. तो मरीजों को धनु राशि खर्च करना पड़ेगी.

परंतु वास्तविकता में पी. पी. पी. मॉडल से खरीदी गई यह मशीनें कैंसर का इलाज कराने वाले मरीजों पर और उनके परिजनों पर भारी खर्च का दबाव डालेंगे. पी. पी. पी. मॉडल से लगाने वाला व्यक्ति या संस्थान कैंसर पीड़ित मरीजों से रेडियो थैरेपी के नाम पर मोटी रकम लेगा.

इंदौर शहर में पूर्व में ही शासकीय कैंसर अस्पताल में कैंसर के इलाज की कोई आधुनिक सुविधा से युक्त मशीनें नहीं है नहीं समुचित इलाज हो पाता है. कैंसर से पीड़ित मरीज का इलाज कराने का खर्च परिजनों पर इतना भारी पड़ता है,

कि परिजन उसे वहन नहीं कर पाते इंदौर के प्राइवेट अस्पतालों में रेडियोथैरेपी के लिए लगी हुई मशीनों की चार्जेस हजारों रुपए में है. पी. पी. पी. मॉडल से लगाने वाला व्यक्ति भी उसी हिसाब से कैंसर के मरीजों से इलाज के नाम पर वसूली करेगा.

पूर्व में इंदौर के शासकीय अस्पताल एम वाय अस्पताल में सीटी स्कैन और M.R.I. हेतु पी. पी. पी. मॉडल पर मशीनें लगाई गई हैं उनकी चार्जेस भी मरीजों से प्राइवेट अस्पतालों की चार्जेस के हिसाब से ली जाती है.

जनता को इस मॉडल से मशीनें लगाने से कोई लाभ नहीं होगा और केन्सर से पीड़ित मरीज जिनकी अभी रेडियो थैरेपी मुफ्त होती है वह अब पैसे खर्च करने के बाद होगी और वह भी हजारों रुपयों के खर्च करने के बाद इस तरह का निर्णय प्रबंधन में कर इंदौर की जनता से जो थोड़ा बहुत शासकीय अस्पताल में कैंसर पीड़ित का मुफ्त इलाज होता था.

वह सुविधा भी खत्म करने का का षड्यंत्र किया है इस षड्यंत्र के पीछे केन्सर अस्पताल के प्रबंधकों द्वारा भ्रष्टाचार करने की बू आ रही है. इसमें पी. पी. पी. मॉडल से जो भी मशीनें लगाएगा और लाखों रुपए प्रतिमाह काम आएगा उसमें शासकीय केन्सर अस्पताल के प्रबंधकों की हिस्सेदारी होने से की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

मध्य प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग का बजट हजारों करोड़ों का है इसके बावजूद भी इंदौर जैसे महानगर में जान-बूझकर स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों ने केन्सर हॉस्पिटल में आधुनिक मशीनें लगाकर इंदौर की जनता को कैंसर से पीड़ित मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने से दूरी बनाकर रखी है.

केन्सर अस्पताल के डॉक्टर भी नहीं चाहते पी. पी. पी. मॉडल से इन मशीनों की खरीदी की जाए मेडिकल कॉलेज स्वयं इन मशीनों को खरीदें और उसका संचालन शासकीय कैंसर अस्पताल के डॉक्टर करें शासकीय कैंसर अस्पताल के डॉक्टरों का मत है,

कि आयुष्मान योजना से राहत की राशि मिलती है उससे कुछ ही सालों में मशीनों की कीमत निकल आएगी कैंसर से पीड़ित मरीज का इलाज इतना महंगा है कि वह और उसके परिजन भारी कर्जे में पूर्व में डूब जाते हैं कई मरीजों को तो नंगे लाज के कारण इलाज ही नसीब नहीं हो पाता.

कैंसर से कई मरीजों की इलाज के अभाव में ही मृत्यु हो जाती है महंगा इलाज होने के बाद भी कैंसर की बीमारी का इलाज संभव नहीं हो हो पाया है बीमारी जड़ से समाप्त नहीं हो पाती शासकीय अस्पतालों में जिला अस्पतालों में मध्यप्रदेश शासन ने कैंसर के इलाज की घोषणा की है.

और उन उन अस्पतालों में किमोथेरापी हेतु इंजेक्शन खरीदें जाते हैं वह इंजेक्शन भी 1 से 3000 के मध्य होते हैं महंगे इंजेक्शन इन अस्पतालों में बजट के अभाव में खरीदे नहीं जाते शासकीय कैंसर अस्पताल में भी महंगे इंजेक्शंस की खरीदी नहीं होती.

थोड़ी बहुत सुविधा मध्यप्रदेश शासन द्वारा इंदौर के कैंसर अस्पताल मैं दी जा रही थी वह भी अब प्रबंधन द्वारा समाप्त की जा रही है इंदौर के जनप्रतिनिधि विधायक सांसद मुख दर्शक बनकर देख रहे हैं जनता के स्वास्थ्य के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं.

इंदौर शहर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सपनों का शहर है मुख्यमंत्री जी के सपनों के शहर में मध्य प्रदेश के महानगर में कैंसर की बीमारी का शासकीय अस्पताल में इलाज कराने की कोई आधुनिक सुविधा उपलब्ध नहीं है.

मानवीय आधार पर भी इस गंभीर बीमारी का इलाज कराने हेतु मुख्यमंत्री जी को इंदौर में ध्यान देकर अस्पताल में आधुनिक मशीनों की सुविधाएं बढ़ानी चाहिए और उसकी खरीदी शासन के फंड से स्वास्थ्य विभाग के फंड से की जानी चाहिए.

इंदौर में इंदौर ही नहीं मध्य प्रदेश के कई जिले राजस्थान के कई जिलों महाराष्ट्र के कई जिलों के नागरिक जोकि इंदौर के आसपास 3 से 400 किलोमीटर की सीमा में स्थित है वह इलाज कराने गरीब और मध्यम वर्ग के लोग शासकीय कैंसर अस्पताल में आते हैं.

परंतु यहां सुविधाओं के अभाव में पर्याप्त इलाज नहीं हो पाता इंदौर के नागरिक जागे मेडिकल कॉलेज के भ्रष्ट अधिकारियों कि इस नापाक कोशिश को नाकामयाब करें कैंसर अस्पताल में रेडियो थैरेपी है,

तो आधुनिक मशीनों की स्थापना सरकारी पैसे से कराएं और इंदौर से मुक्त कैंसर के इलाज की सुविधा जो है उसके छीनने की जो प्रयास किया जा रहा है उस प्रयास को सफल नहीं होने दे.

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