देश कैसा बनाना चाहते हो प्रधानमंत्री मोदी जी? ये तो भारतीय जनता को बता दो

प्रधानमंत्री मोदी देश
                     Prime minister Narendra Modi

प्रदीप मिश्रा इंदौर. शिक्षा, रोजगार, उद्योग, व्यापार, न्यायिक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है मोदी सरकार नेे। निर्मला सीतारमन और स्मृति ईरानी जैसी अनुभवहीन, अहंकारी और निम्न शिक्षित महिलाएं रक्षा, वित्त और शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठती है.

आर.एस.एस. और धार्मिक विचारधारा के लोग उच्च शिक्षा मंत्री है!? एक एक व्यक्ति के पास दो – तीन मंत्रालय हैं। पिछले 6 सालो से मर चुकी कांग्रेस और दिवंगत हो चुके नेहरू, गांधी परिवार जिन्हें देश की युवा जनता भुला चुकी उनसे ही लड़ने, गरियाने और दोषारोपण में मंत्र मुग्ध है।

प्रधानमंत्री मोदी, मोदी सरकार और भाजपा और इसे ही विकास समझ रही है। जबकि खुद कांग्रेसी अपने दिवंगत नेहरू, गांधी का नाम नहीं लेते हैं। और यही हाल विहार के युवा तुर्क तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव भी अपने पिताओं और परिवार वालों का नाम लेना पसंद नहीं करते हैं!

यह इस देश का नग्न और कटु सत्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है!देश की आम जनता के बुनियादी आवश्यकताओ के सवालों का कोई स्पष्ट और सुनियोजित हल मोदी सरकार के पास नहीं है।

आज पूरे भारत में स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, रोजगार, उद्योग, व्यापार, न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा कर बर्बादी के कगार पर आ चुकी है! महगाई और भ्रष्टाचार चरम पर है! महिलाओं पर अत्याचार, हिंसा, बलात्कार तेजी से बढ़ रहे हैं!

जिस तरह 2014 से पहले कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों के मुखिया जनता के बुनियादी सवालों को हल करने मे पूर्णतः उपेक्षापूर्ण और गैर जिम्मेदाराना अहंकारी भाव रखते थे! ठीक उसी तरह का भाव और व्यवहार मोदी सरकार और उनके मन्त्रियों का भी है!

प्रधानमंत्री कौशल विकास और स्किल डेवेलपमेंट जैसी योजनाए भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई। स्मार्ट सिटी योजनाएं कछुए से भी मंद गति से चल रही हैं. अंबानी ने डिजिटल और शेयर मार्केट के माध्यम से न सिर्फ देश की पूरी पूंजी को समेट लिया।

वरन रिटेल, खुदरा व्यापार, व्यवसाय पर पूरा कब्जा कर लिया है। वही अडानी ने बंदरगाहों से लेकर एयरपोर्ट, बिजली, कोयला जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर पूरा अधिकार कर लिया। पर्यटन विकास के नाम पर सारी योजनाएं सिर्फ गुजरात तक सीमित है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य राजनीति की प्रयोगशाला पहले भी थे और आज भी है! कश्मीर, मुस्लिम और पाकिस्तान ये राजनीति की हंडी मे अखंड ज्योति की तरह इस देश में हमेशा जलते रहेंगे.

कांग्रेस पार्टी मे जिस तरह गांधी परिवार की तूती बोलती थी कि उनके बिना एक पत्ता भी पूरी पार्टी मे कोई हिला नही सकता था। कांग्रेस शासित किसी राज्य के मुख्यमंत्री के तो हालात किसी गुलाम से ज्यादा नहीं थे. ठीक वही हाल आज भाजपा के है. मोदी, मोदी, मोदी… शाह, शाह, शाह…… है बस.

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