यदि आप भी महाभारत को एक झूठी कहानी समझते हैं, तो देख लीजिए ये 5 असली सबूत

महाभारत

1. अंगद की सच्चाई
महाभारत काल में, जिस स्थान को इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता है, आज हम उसे “दिल्ली” के नाम से जानते हैं, आपको बता दें कि आज भी कुछ जगह मौजूद है, जिसे महाभारत काल में जिस नाम से जाना जाता था, आज भी उसी नाम से  जाना जााता है ।

जैसे:- कुरुक्षेत्र, द्वारिका और बरनावा। कुंती के सबसे बड़े पुत्र करण थे, जिन्हें अंगद का राजा कहा जाता है, जिन्हें आज गोंडा जिले के रूप में जाना जाता है।

2. कुरुक्षेत्र
पुरातात्विक विशेषज्ञों के अनुसार, कुरुक्षेत्र में होने की लड़ाई के कारण वहां की भूमि लाल हो गई थी। विश्लेषकों का कहना है कि तीर और भाले वहाँ जमीन पर पाए गए थे। जब उनकी जांच की गई, तो यह लगभग 2800 ईसा पूर्व था। आपको बता दें, यह जगह हरियाणा में मौजूद है

3. महाभारत के श्लोकों का महत्व
यह हमें महाभारत का काल्पनिक वर्णन करने के लिए उपयुक्त नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि कई प्रकार के छंद लिखे गए थे, जिनका उपयोग करने पर यह केवल कविता जैसा लगता था,

क्योंकि उस समय कविता के रूप में कुछ भी लिखा जाता था। आपको बता दें, गणित के फॉर्मूले भी कविता की तरह लिखे गए थे।

4. लाक्षाग्रह
महाभारत के अनुसार, लाक्षागृह की एक महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है, कौरवों ने पांडवों को दिया हुआ एक ग्रह बनाया, जिसका नाम लक्षाग्रह था, जिसमें कुंती के साथ-साथ 5 पांडव भइयो जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी, आज भी आप सुरंग को बरनावा नामक स्थान पर देख सकते हैं।

5. द्वारका शहर
महाभारत के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण ने द्वारका नगरी को द्वारकाधीश दिया था और बताया गया है कि यह शहर जलमग्न था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात के पास मंदिर के नीचे एक पुराना शहर मिला है।

यह ज्ञात है कि यह वही द्वारका है जिसका उल्लेख महाभारत में किया गया है कि इन साक्ष्यों को अवश्य जाना चाहिए।

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