इंदौर: M.Y. अस्पताल में, करोना से मृत व्यक्ति का शव ले जाने के नाम पर, हो रही अवैध वसूली

M.Y. अस्पताल


राजेंद्र सचदेव. इंदौर में सबसे बड़े शासकीय अस्पताल M.Y. अस्पताल में करोना संक्रमित मृत व्यक्ति के शव को मुक्तिधाम ले जाने के नाम पर अवैध वसूली का कुकृत्य सामने आया है, कोरोना वायरस महामारी को कुछ लोगों ने धंधा बना लिया है.

इंदौर के एम. आर. टी. बी. अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल व एम. टी. एच. अस्पताल में शासकीय अस्पताल होने से कोरोना के बीमारी के मरीजों का नि:शुल्क व्यवस्था की गई है, इलाज के दौरान कोरोना मरीज की मृत्यु हो जाने पर उसके शव को M.Y. अस्पताल भेजा जाता है.

M.Y. में पोस्टमार्टम विभाग में शव को भेजा जाता है, यहीं से अवैध वसूली का खेल शुरू हो जाता है. कोरोना की बीमारी से मृत व्यक्ति को उसके शव को सुरक्षा की दृष्टि से एंबुलेंस में सीधा मुक्तिधाम भेजा जाता है, एवं अस्पताल में एंबुलेंस चालक शव उठाने के नाम पर भारी अवैध वसूली कर रहे हैं.

मृत व्यक्ति के परिजनों को फोन करके अस्पताल बुलाया जाता है, और शव को मुक्तिधाम एंबुलेंस में ले जाने के नाम पर और अंतिम संस्कार के नाम पर 8 से 10 हजार रुपए वसूले जाते हैं, अवैध वसूली करने के पश्चात ही शव को मुक्तिधाम ले जाया जाता है.

अधिवक्ता परिषद के मालवा प्रांत के प्रांत अध्यक्ष अभिभाषक उमेश कुमार यादव ने यह शिकायत संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर से की है, एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज M.Y. अस्पताल की डीन डॉक्टर ज्योति बिंदल के अनुसार इस मामले की पूरी जांच कराई जा रही है.

अभिभाषक संघ के श्री उमेश यादव जी के अनुसार शव को उठाने के लिए दो मजदूरों के नाम पर ₹6000 और पी. पी. ई. किट के नाम पर 1 हजार रुपए और 3pp किट के ₹3000 और एंबुलेंस के 6 से 7 हजार रूपए कोरोना से मृत व्यक्ति के शव उठाने के लिए परिजनों से वसूले जा रहे हैं,

उन्होंने बताया कि उनके भांजे भांजे का निधन कोरोना वायरस के कारण 25 सितंबर को हो गया 26 सितंबर को एमवाई से फोन आया और शव उठाने के नाम पर उसे मुक्तिधाम ले जाने के नाम पर ₹ 10,000 हजार मेरे भांजे के स व जनों से वसूला गया.

मध्य प्रदेश के महानगर मैं यह अमानवीय कुकृत्य चल रहा है, मध्य प्रदेश के मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को संज्ञान लेते हुए संबंधित एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज के डीन को तलब करके उनसे जानकारी ली जाए.

इस व्यवस्था के लिए जिम्मेदार M.Y. के जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई करते हुए इस कृत्य को रोका जाए, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान भी कृपया इस और ध्यान दे. जिससे आरोपियों को सज़ा दी जा सके।

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