TVF की सीरीज Aspirants में जिस LBSNAA का हुआ जिक्र, जानें क्यों है खास

LBSNAA

प्रोडक्शन हाउस और यूट्यूब चैनल द वायरल फीवर (TVF), जिसने भारत में Web Series में क्रांति लाई थी, एक बार फिर से खबरों में है। कोटा फैक्ट्री के बाद, अब वह IAS Aspirants पर एक नई Web Series लेकर आए हैं। Youtube पर जारी इस Web Series का नाम भी ‘Aspirants’ है। इस Web Series में LBSNAA का कई बार उल्लेख किया गया है।

दरअसल, यह वह संस्थान है, जहां पहुंचने के लिए हर साल लाखों बच्चे UPSC की तैयारी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के अलावा यहां कई अन्य देशों के Civil Servants को प्रशिक्षित किया जाता है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ खास बातें।

LBSNAA Full Form

15 अप्रैल 1958 को, तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने सिविल सेवा की नई भर्तियों की तैयारी के लिए एक संस्थान की स्थापना की। मसूरी के चारलेविल एस्टेट में स्थापित अकादमी को National Academy Of Administration का नाम दिया गया था।

1972 में इसे बदलकर लाल बहादुर शास्त्री अकादमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन कर दिया गया। ठीक एक साल बाद, इसका नाम बदलकर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी कर दिया गया। यहीं से इसका नाम LBSNAA पड़ा।

इन देशों के सिविल अधिकारियों को भी किया जाता है प्रशिक्षित

LBSNAA सिर्फ भारतीय सिविल सेवा की भर्तियों की तैयारी नहीं करता है। बल्कि, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव और म्यांमार के कुछ चुनिंदा सिविल सेवकों को प्रशिक्षित किया जाता है। खास बात यह है कि पहले 3 महीनों में वे अपने भारतीय समकक्षों के साथ प्रशिक्षण ले सकते हैं।

नियम बहुत सख्त हैं

कहा जाता है कि LBSNAA के अंदर नियम बहुत सख्त हैं। परिसर में फोन के उपयोग की अनुमति नहीं है। एक निश्चित ड्रेस कोड भी है। आप चप्पल या सैंडल में परिसर में नहीं घूम सकते। ऐसा करने पर जुर्माने का प्रावधान है। यहां तक कि मेस में खाने का कोड भी निर्धारित है।

ऐसे ही नही मिल जाता हैं प्रवेश

LBSNAA में प्रवेश के लिए किसी भी आम आदमी  को अनुमति नहीं है। कोई भी पर्यटक इस जगह पर नहीं जा सकता है। दो मामलों में, कोई भी व्यक्ति परिसर में प्रवेश कर सकता है। अगर आपने UPSC Crack किया है। या अकादमी आपको Guest Lecturer के रूप में बुलाती है।

JNU से प्राप्त होती है डिग्री

बता दें कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अधिकारियों को एमए की डिग्री मिलती है। यह डिग्री जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाती है। दरअसल, JNU सभी को सार्वजनिक प्रबंधन की डिग्री प्रदान करता है। एक और खास बात यह है,

कि जिन अधिकारियों को IAS बनने के लिए पदोन्नत किया जाता है, वे भी LBSNAA में अपना प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यह भी पढ़ें: Lungs को रखना चाहते है मजबूत, तो प्याज में ये 4 चीजें मिलाकर ऐसे करें यूज़

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