बड़वाह को जिला न बनाने से भाजपा को उपचुनाव में मांधाता सीट पर लगेगा झटका

बड़वाह. विगत 20 वर्षों से बड़वाह नगर की जनता बड़वाह को जिला बनाने की मांग कर रही है, इस संबंध में एक विस्तृत जिले की रिपोर्ट भी अनु-विभागीय अधिकारी बड़वाह के द्वारा 12 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश सरकार को जिले की विस्तृत रूप रेखा के साथ भेजी जाने के बाद भी,

तथा भाजपा और कांग्रेस दोनों के द्वारा अपने चुनावी वादों में बड़वाह को जिला बनाने की बात कही थी परंतु न तो 15 साल पुरानी शिवराज सरकार बड़वाह को जिला बना पाई और ना ही 15 माह की कमलनाथ सरकार बड़वाह को जिला बनाने के लिए कोई कदम उठा सकी.

अब जनता का धैर्य का बांध फिर एक बार टूटने लगा है, हो रही आंदोलन करने की माँग

बता दें शिवराज सरकार के द्वारा अपने पिछले कार्यकाल में एक के बाद एक जिले आगर-मालवा और निवाड़ी को बनाया गया परंतु बड़वाह की उपेक्षा की गई. बड़वाह के पूर्व विधायक हितेन्द्र सिंह सोलंकी के साथ प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मुलाकात कर वर्षो से अपने कार्यालय में धूल चाट रहे बड़वाह को जिला बनाने की फाइल को लेकर मुलाकात की थी।

भजपा के ही पूर्व विधायक हितेंद्र सिंह के द्वारा विधानसभा में भी प्रश्न लगाया गया था परंतु उस समय बजट नहीं होने की बात कहकर बड़वाह को जिला बनाने से इंकार कर दिया गया था जबकि बाद में आगर-मालवा को और निवाड़ी को जिला बनाया गया।

2019 के विधानसभा सभा चुनाव में फिर से भाजपा के बड़वाह विधानसभा के मेनू फेस्टो में जिला बनाने की बात कही गई थी, अब जबकि कमलनाथ की कांग्रेस सरकार गिर चुकी है और 4थी बार शिवराज सिंह मुख्यमंत्री बने हैं तो जनता में फिर से  बड़वाह को जिला बनाये जाने की उमंग हिलोरें मार रही हैं।

बड़वाह की समाजसेवीयो, पत्रकार संघ सहित आम नागरिकों ने एक बार फिर से प्रदेश के यशस्वी और लोकप्रिय मुख्यमंत्री से मांग की हैं कि बागली के साथ बड़वाह को भी जिला बनाया जावे। समजसेवी ओर नगर के पत्रकारों ने यह भी चेतावनी दी हैं,

कि यदि बड़वाह की उपेक्षा की गई तो भाजपा को निमाड़ की पड़ोसी विधानसभा सीट मांधाता पर खामियाजा भुगतना पड़ सकता हैं। बतादे की इस सीट की अधिकांश मतदाताओं का बड़वाह-सनावद से सीधे व्यापारिक जुड़ाव हैं तो कृपया इसे ध्यान में रखा जावे।

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