कुछ शर्म करो और कितना नीचे गिरोगे, नौकरी के लिए अपनी रीढ़ की हड्डी और जीभ मत काटो?

नौकरी

प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया. कुछ तो शर्म करो और कितना नीचे गिरोगे. नौकरी के लिए अपने हुक्मरानो के सामने अपनी रीढ़ की हड्डी और जीभ मत काटो? नहीं तो ईश्वर तुम्‍हारी वो गत करेगा कि अपने होने पर शर्मिंदा होंगे?

बेशर्मी, बेहयाई,असभ्यता, कु-संस्कारों और असंवेदन शीलता की सारी हदें पार कर गये, पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी. झूठ, फरेब, धोखा, षड्यंत्र, कमीनापन, हरामखोरी और गुंडई क्या ये है. किसी पब्लिक सर्वेंट की नौकरी की कानूनी और सरकारी शक्तिया?

देश के संविधान और कानून से प्राप्त शक्तियों, अधिकारों, और सुविधाओं से सरोबार कोई आला प्रशासनिक IAS और IPS अधिकारी अपने स्व विवेक से, या संवैधानिक और वैधानिक सरकार मे बैठे अपने तथा कथित हुक्मरानो के आदेशो के पालन मे,

कैसे अपने जमीर, स्वाभिमान, देश व समाज की सभ्यता, संस्कारों, मर्यादाओं, मानवता, इंसाफ और कानूनों को, अपने पद के अहंकार और दी गयी. शक्तियों की हठधर्मिता से किसी गरीब, मजलूम, पीड़ित और उसके परिवार के समस्त, सामाजिक, संवैधानिक, वैधानिक, और धार्मिक अधिकारों से न सिर्फ़ वंचित कर दे वरन उन्हें नेस्तनाबूद करने पर उतारू हो जाए!?

उत्तर प्रदेश के के हाथरस जिले के एक गाँव में एक 19 साल की गरीब, दलित मासूम लड़की के साथ जिस तरह की हैवानियत और दरिंदगी से 4 मनुष्यों के लड़कॊ ने उसे नंगा किया, नोचा, लूटा, खसोटा, बुरी तरह पीटा, खून से लथपथ किया, जीभ काटी, गले और रीढ़ की हड्डी तोड़ी, और इतनी बेरहमी से मारा की वो मात्र 19 साल की लड़की 4 दिन बेहोश रही.

और 15 दिन बाद उसकी मौत हो गई. ये दरिंदगी और हैवानियत का इस देश का एक सामाजिक पहलू था! जो इस देश में सदियो से आज तक रोज देश के कोने कोने मे किसी न किसी रूप में होता है. अब उस 19 साल की मासूम गरीब और दलित बेटी के मरने के बाद उन 4 वहसी दरिंदों से कही ज्यादा कमीनापन, हरामखोरी, क्रूरता, वहशीपन और नीचता जो पूरे मानव समाज की मानवता को शर्मसार कर दे को अंजाम दिया.

एक हिन्दू धर्म, सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों की दुहाई देने वाले, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के राम राज्य की कल्पना करने वाले एक अशिक्षित धार्मिक योगी की सरकार के बेशर्म, बेहया, बेगैरत और अपनी नौकरी के लिए अपने तथा कथित हुक्मरानो के तलवे चाटने वाले आला दर्जे के प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारीयो ने ये आधुनिक सभ्य समाज के तथा कथित उच्च दर्जे के पढ़े लिखे अधिकारी उस 19 साल की खून से लथपथ लड़की जिसको नंगा कर दिया था उसके खून से लथपथ तार तार  कपड़ो मे वीर्य की बूंदे ढूंढ रहे थे?

और जब वीर्य की बूंदे नही मिली, तो पूरी निर्लज्जता और बेशर्मी से मीडिया मे बयान दे रहे थे, कि पीड़िता के साथ बलात्कार नहीं हुआ. इन वैश्याघरों के दलालो से भी बदतर सरकारी नौकर शाहों को स्त्री के बलात्कार की कानूनी परिभाषा में लाने के लिए पुरुष के लिंग का वीर्य चाहिए? धिक्कार है!

उन 4 दरिंदों ने 19 साल की मासूम लड़की के शरीर के साथ दरिंदगी, बलात्कार और हत्या की. वहीं कलेक्टर और पुलिस के आला अधिकारियों ने उसकी आत्मा के साथ दरिंदगी, बलात्कार के अलावा उसके शव की हत्या की है.

रात के अंधेरे में गैर कानूनी और अधार्मिक तरीके से 19 साल की मासूम लड़की के शव को निर्लज्जता से हंसते हुए बिना उसके परिवार वालों और माँ बाप को आखिरी बार दिखाए और स्पर्श कराए आग लगाकार जला दिया.

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