सोनू सूद का इंदौरी वादा: मुफ्त शिक्षा, सही रोजगार, मुफ्त इलाज, के पोस्टर इंदौर में लगे

सोनू

इंदौर. जहां कोरोना काल में जहां पूरी दुनिया अपने-अपने घरों में कैद थी दड़बों में दुबके हुए थी, सब अमन चैन फरमा रहे थे, वहां एक मसीहा अभिनेता सोनू सूद रियल हीरो ही नहीं बल्कि जन नायक बनकर उभरे हैं.

अपने एशों-आराम को त्यागकर सड़कों पर उतरकर उन्होंने न केवल कोरोना महामारी के दौरान विस्थापित लोगों को उनके घरों तक बस, ट्रेन, हवाई जहाज से अपने घरों / मुकामों तक पहुंचाया.

अन्न एवं की माकूल व्यवस्था भी की। उनके इलाज के लिए सहायता की. जिसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है, इसी वजह से जन जन के सोनू हीरो बन गए हैं. इसी कारण करोड़ों दिलों पर आज सोनू का कब्ज़ा है. दिलों पर दिली राज़ ऐसे ही नहीं है.

सोनू का चॉकलेटी चेहरा, कसरती पेक्स वाला शरीर, लीक से अलग हटकर उनका चरित्र अभिनय उन्हें अलग दर्जे का हीरो बनाता ही है, आज खेल जगत हो, राजनीति का मैदान हो, उद्योगपतियों की दुनियां हों या बॉलीवुड नगरी हो,

इस श्रेणी में लाखों लोग भले शुमार हो, कई लोग और सितारें दान भी करते हैं, लेकिन इस तरह आमजन बनकर ऐसी विकट और विध्वंस महामारी में खुद को अपनी जान परवाह किए बगैर बहादुरी से झोंकना भी इतना आसान नहीं था.

रोड पर आकर उनकी सुध लेना, मदद करना, हमराही बनना, हाथ थामना, आंसू पोछना, दुख-दर्द बांटना, रंजो-गम में शरीक होना, उनको गले लगाना, बड़ा ही अदभुत, महान, अमोघ, नेक एवम अविस्मरणीय कार्य है, ऐसे बड़े और नेक काम बहादुर, बड़े दिलवाला और नेक दिलवाला ही कर सकता है,

ऐसे कार्य ऐसी सेवा हर किसी के भाग्य में भी नहीं होती, और ऐसे मिशन निरंतर और सफलतापूर्वक चलाना हर किसी के बूते की बात भी नहीं है, इसे सोनू सुद जैसे बड़े कलेजेवाला , हिम्मतवाला,और जिगरवाला ही चला सकता है,

ऐसा प्रतीत होता है सोनू कुछ अलग हटकर कर गुजरने के लिए ही जन्मे है, सोनू का अपुन का इन्दौरी प्रेम और लगाव किसी से भी छुपा हुआ नहीं है, इंदौरी नाश्ते (कचोरी, समोसा, पेटिस, पोहे एवम जलेबी) के विशेष शौकीन हैं,

सोनू अक्सर अपनी फिल्मों के प्रमोशन और होम प्रोडक्शन की फिल्मों के प्रमोशन के लिए इन्दौर आते रहे हैं, और यहां की तारीफें करते नहीं थकते, फिल्मी वरिष्ठ पत्रकार साथी जयसिंह रघुवंशी का वर्षों से सोनू के साथ खास और दिली रिश्ता है,

जयसिंह ने अपनी स्कूटर/बाइक पर पिछली सीट पर बिठाकर सोनू को इंदौर की गलियों की सैर करवाई है, सोनू की बहन होटल अमलतास के पास, ए बी रोड पर निवास करती है इसलिए सोनू का अहिल्या नगरी से विशेष लगाव है.

इंदौर शहर में लग रहे सोनू का वादा नाम के पोस्टर

अब तो सोनू सूद का वादा के नाम से इंदौर शहर में पोस्टर लग रहे हैं, जिसमें उन्होंने मुफ्त शिक्षा, सही रोजगार, मुफ्त इलाज का वादा किया गया है, सोनू के इस अदभुत और चैरिटी मिशन में अनेक स्वयंसेवक सेवी संगठनों ने भी उनके साथ इस पुनीत कार्य में साथ देने का वादा किया है,

वहीं INDEX मेडिकल कॉलेज भी सोनू के साथ  कंधा मिलाकर काम करेगा, इन्दौर में मध्य-प्रदेश में सबसे ज्यादा संक्रमित है और यह संख्या हर दिन बढ़ती ही जा रही है, और चिंताजनक भी होती जा रही रही है, अस्पतालों में बेड खाली नहीं हैं.

और इलाज के लिए संक्रमितों को बहुत परेशान होना पड़ रहा है, सोनू द्वारा कोरोनाकाल में लगातार किए जा रहे सेवा कार्य को देखकर लोगों ने उनके ट्यूटर, मेल और मोबाइल पर इन्दौर की सुध-बुध लेने की बात कही है. यही वजह है,

कि आज शहर के अनेक भागों में सोनू का वादा नाम से पोस्टर लग रहे हैं. इस जन-जन के नायक को साथ देने के लिए कई संस्थाएं और संगठन भी खुलकर आगे आ रहे हैं. अब ये देखना अहम होगा कि सोनू अपने वादा को किस हद तक निभाते हैं,

जन-जन की कितनी सुध लेते हैं, कितने निर्धनों और जरूरतमंदों का भला, कल्याण और मंगल करते है, तथा कितने लोग उससे लाभान्वित होते है, और वो अपना वादा बखूबी निभाते हैं, साथ ही ये देखना भी बड़ा ही दिलचस्प होगा.

कि सामाजिक एवम अन्य संगठन उनका कितने शिद्दत से साथ निभाते हैं और सोनू के वादा मिशन को कामयाब और सफल बनाते हैं, सोनू का ये मिशन ए वादा वाकई काबिल ए तारीफ़ है, उनके इस हौसले ए जज्बे की जितनी तारीफ की जाए कम ही होगी,

Sonu के इस आदर्श उदाहरण का दूरगामी परिणाम निसंदेह समाज में, देश मे एक मिसाल पेश करेगा. ये मिशन निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगा, विजेता को अनोखा कार्य नहीं करते बल्कि हर कार्य को अनोखे ढंग से ही करते हैं.