चचाई व अमलाई की सीमा पर जुआरियों की, खुलेआम जम रही महफ़िल, पुलिस को दे रहे चुनौती

शहडोल. अनूपपुर जिले के चचाई थाना अंतर्गत ग्राम में चचाई पुलिस को चुनौती देकर विवेकनगर, अमलाई व चीफ हाउस समेत जैतहरी के नामी जुआरियों के सह पर खूलेआम जुए का फड संचालित किया जा रहा है।

जो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है । चचाई का यह बहुचर्चित जुआरियों का जुआ चचाई के जिम्मेदार जन सेवक के लिए मुशीबत का शबब बना हुआ है। या मुनाफे का यह जाच का विषय है। लेकिन अनूपपुर के गलियारों में यह जुआ मुशीबत व मुनाफे को लेकर खूब चर्चाओं में है।

चचाई के गीता ग्राम के इस जुए के फड में उमरिया, शहडोल , अनूपपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के पेंड्रा के जुआ प्रेमी अपनी किस्मत आजमाने रोजाना सुरक्षा की गारेंटी के साथ यहां आ रहे है ।

उमरिया,शहडोल, अनूपपुर के साथ- साथ छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ व पेंड्रा के जुआरी फरमा रहे शिरकत

मुख्य रूप से चचाई थाना के गीता ग्राम के जंगल में सज रही जुए की महफ़िल में अनूपपुर , शहडोल, उमरिया जिले के अलावा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ व पेंड्रा के जुआ प्रेमी अपनी शिरकत फरमा रहे है । और रोजाना लाखो का जुआ खेला जा रहा है।

इस जुआ में रोजाना 70से 80 हजार रुपए की नाल निकली जा रही है। इस काम को बखूबी विवेकनगर के बहुचर्चित जुआरी अपने साथी अनूपपुर जिले के जैतहरी के शासकीय कर्मचारी व अमलाई, चीफ हाउस के जुआरी साथी के जुए के फड को संचालित कर रहे है । इतना ही नही इस जुए के फड में सुरक्षा की पूरी गारेंटी दी जा रही है ।

चचाई का जुआ अमलाई को कर रहा बदनाम

सीधे तौर पर चचाई थाना क्षेत्र के गीता ग्राम के जंगल में सज रही जुआ की महफ़िल में रोजाना लाखो का वारा न्यारा हो रहा है। लेकिन बदनामी का दाग अमलाई पुलिस को झेलनी पड़ रही है। जबकि अमलाई थाना क्षेत्र के चचाई गीता ग्राम में ही जुआ का फड संचालित है।

यह बात अलग है कि जन सेवा केंद्र से सूचना मिलने पर जुआरी कभी कभार अमलाई थाना क्षेत्र की सीमा में आकर जुआ खेलते है । फिर खतरा टालने के बाद पुनः अपने थाना क्षेत्र में महफ़िल जमा लेते है ।

जिम्मेदार सेवक की मौन सहमति से चल रहा जुआ

सूत्रों की माने तो चर्चित जुआरियों द्वारा चचाई थाना क्षेत्र के गीता ग्राम में किसी प्रकार का कोई खतरा नही होने की गारेंटी के साथ खुलेआम जुआ खिलाया जा रहा है । जो इन दिनों चर्चाओं में है । उसे देख व सुनकर हर कोई यही सोचने पर मजबूर हो रहा है,

कि कही जुआ की मौन अनुमति तो नही मिल गई है । हालांकि सूत्र बताते है कि इस चर्चित जुआ की जिम्मेदार सेवक द्वारा मौन सहमति दी गई है । शायद यही कारण है कि संभाग के उमरिया, पाली, शहडोल, अनूपपुर, जिले के छत्तीसगढ़ राज्य मनेंद्रगढ़ व पेंड्रा के जुआरी शिरकत फरमा रहे है ।

मैजिक तास व रिमोट घोड़ी से कलाकारी कर खिला रहे जुआ ,जुआरी कंगाल,खिलाने वाला मालामाल

सूत्रों की माने तो चर्चित गीता ग्राम में जुआरियों के साथ जुआ खिलाने वाले सरगना मैजिक तास व रिमोट वाली घोड़ी के सहारे जुआ खिला जुआरियों के साथ फर्डी कर रहे है । जिससे दूर दराज से जुआ खेलने आ रहे जुआ प्रेमी इनकी शातिर दिमाग का शिकार हो रहे है ।

सूत्रों की माने तो जिस जगह पर घोड़ी खिलाई जाती है । उस जगह जमीन पर एक मेटल की प्लेट डाली रहती है। जैसे ही जमीन पर घोड़ी पड़ती है वैसे ही वहां बैठा आदमी रिमोट की सहायता से घोड़ी के अंक पलट देता है। ऐसा ही कलाकारी तास के जुए में मैजिक तास के सहारे कलाकारों की कला स्व किया जाता है। और जुआरी कंगाल तो जुआ खिलाने वाले माला माल होर है ।

कौन खिला रहा जुए का खुला खेल

इस जुए के फड में अनूपपुर के जैतहरी, विवेकनगर, अमलाई, चीफ हाउस के चर्चित जुआरी प्रीतमा प्यारी, इलाहाबादी हैद रत प्यारे जुआ के खेल में खिलाड़ियों को अपने वश्मे कर रहे है । तो वही पवन की तेज गति से इस जुए में मीठास लाने के लिए चीनी का काम करने वाला जगत मामा महाभरत के संजय से कम नही जो जुए के फड में बैठे बैठे कई किलोमीट दूर से खतरा को पता लगा लेते है।

इस जुए में नूर का नूरानी की सबसे अलग ही है कहानी, जो सुबह से शाम तक जुआ प्रेमियों को इस जुआ में शामिल होने के लिए लाने ले जाने का काम ही नही करता बल्कि उन्हें आसानी से ब्याज में पैसा भी उपलब्ध कराता है । इस चर्चित जुआ के फड़ में रोजाना कुछ शातिर जुआरियों के मदद से खुलेआम खिलाया जा रहा है ।

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