यूनाइटेड फोरम ने अपना मांग पत्र शासन को भेजा, खुद लड़ेंगे विद्युत निजीकरण के विरुद्ध लड़ाई

निजीकरण

  1. यूनाइटेड फोरम ने 5 सूत्रीय मांग पत्र शासन को प्रेषित किया.
  2. खुद के दम पर प्रदेश भर में लड़ेगा निजीकरण के विरुद्ध लड़ाई.
  3. मांगे न मानने पर विधुत अधिकारी कर्मचारी करेंगे आंदोलन

इन्दौर। दिनांक 13-11-20 को मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलाइज एवं इंजिनियर्स के द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय को मांग पत्र प्रेषित कर विधुत के क्षेत्र में किये जा रहे निजीकरण का विरोध,

संविदा कर्मचारियों के नियमिती-करण, आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं सुरक्षित करने, शासन के द्वारा विधुत अधिकारी कर्मचारियों की पेंशन गारंटी लेने, कंपनी कैडर नियमित/संविदा के कर्मचारियों को 50% बिजली की छूट एवं 25% सेवानिवृत्त कर्मचारियों को,

बिजली की छूट प्रदान करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थगित किए गए महंगाई भत्ता एवं वार्षिक वेतन वृद्धि को तत्काल चालू कर बकाया राशि के भुगतान हेतु मांग पत्र प्रेषित किया है.

युनाटेड फोरम ने निर्णय लिया है, कि शासन के द्वारा 15 दिवस पर उपरोक्त मांगो पर संज्ञान न लेने पर यूनाइटेड फोरम आंदोलन हेतु बाध्य होगा।

यह भी पढें: 48 घंटे के भीतर अंधे कत्ल का पुलिस ने किया पर्दाफाश, नाले में मिली जवान सिंह की लाश