इंदौर शहर में कोरोना वायरस जांच के फीवर क्लिनिको में हो रही बहुत बड़ी लापरवाही

क्लिनिक कोरोना

राजेंद्र सचदेव. इंदौर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही इंदौर जिले में 40 से अधिक फीवर क्लिनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं. इन फीवर क्लिनिको में बड़ी संख्या में जनता पहुंच रही है और कोरोना संक्रमण की अपनी जांच करवा रही है.

इन क्लीनिक के माध्यम से जांच में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज भी मिल रहे हैं, जिन्हें उचित इलाज के लिए अस्पतालों में भेजा जा रहा है, परंतु देखने में नहीं आ रहा है की इन फीवर क्लिनिको में कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है, न तो सही तरीके से इन क्लीनिक में स्वास्थ विभाग द्वारा सेनेटाइजर किया जा रहा है.

कई फीवर क्लिनिको में अस्पताल के कंपाउंड में ही बिठाकर जांच की जा रही है, इन अस्पतालों के आसपास रहवासी बस्ती या है उसका भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है अस्पताल के कंपाउंड में कोरोनावायरस के जीवाणुओ को नष्ट करने के लिए फैलने से रोकने के लिए दवा का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है.

आसपास की बस्तियों में इससे कोरोना के फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही इंदौर शहर में कोरोनावायरस को फैलाने में एक तरह से मददगार साबित हो रही है, स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इंदौर के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी जिनके ऊपर इस कार्य की जिम्मेदारी है तुरंत ध्यान दें.

इंदौर के स्वास्थ्य विभाग में दवा छिड़काव के लिए मलेरिया विभाग में एक भारी-भरकम बजट दिया जाता है परंतु कोरोना वायरस के संक्रमण काल में उक्त अधिकारी द्वारा बजट खर्च करते हुए नहीं दिख रहा नहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर में दवा छिड़काव करती हुई दिख रही है.

फीवर क्लिनिको की जब यह हाल है वहां दवा का छिड़काव नहीं हो रहा उसी से अंदाज लगाया जा सकता है शहर में क्या हाल है इंदौर शहर के जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा करें फीवर क्लिनिको साथ-साथ शहर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा के छिड़काव की व्यवस्था करवाएं.

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