इंदौर: जब बॉलीवुड, ड्रगवुड में हुआ तब्दील, तो इंदौर की तरफ भागने लगा सारा बॉलीवुड

बॉलीवुड इंदौर

इंदौर अमित सिंह परिहार. बॉलीवुड को ड्रगवुड में तब्दील होते देख परिवार वाद के शिकंजे से मुक्ति के लिए कसम-खाते देख मैं हसीन ख्वाब में डूब गया हूँ । आप पूछे क्या है आपका सपना तो सुनिए मेरा ड्रीम जो मैं देख रहा हूँ खुली आँखों से।

मैं देख रहा हूँ कि फ़िल्म उद्योग बॉलीवुड से शिफ्ट हो कर इंदौर आ गया है. जी हां तेजी से विकसित होते शहर इंदौर में, कुछ समय पूर्व दोनों ही सरकारों में इस बात की सुगबुगाहट तो चली थी। देखा जाय तो ये बात अभी भी ठंडे बस्ते में नही है। फ़िल्म उद्योग को जितनी जगह चाहिए शासन उपलब्ध करवाने में पीछे नही हटेगा ।

इंदौर के 200 किलोमीटर के दायरे में एक से बढ़ कर एक लोकेशन मौजूद है,प्रमुखता से देखे महेश्वर, ओंकारेश्वर, पुनासा डैम, हनमन्त्या, मांडव, असीरगढ़ बुरहानपुर, उज्जैन, सैलाना चिखलदरा, तोरणमाल आदि और इंदौर के आसपास की शानदार लोकेशंस आप सभी जनते है ।

इंदौर की कनेक्टिविटी भारत मे सभी बड़े शहरों से हवाई व रेल मार्ग से है ,अंतरराष्ट्रीय उड़ाने भी शुरू हो चुकी है। मालवा निमाड की संस्कृति,परिवेश एवं मौसम फ़िल्म उद्योग के अनुकूल है। प्राइवेट सेक्टर में भी रियल स्टेट की कमी नही है.

इंदौर सिलिकॉन सिटी के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है टीसीआईं इम्फोसिक जैसे बड़े नाम इंदौर से जुड़ चुके है पड़ोस में पीथमपुर अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक केंद्र बन चुका है। इंदौर भारत के मध्य में स्थित होने से प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित है. तथा बड़े संगठित आपराधिक गिरोहों से भी मुक्त है.

फ़िल्म उद्योग के लिए अनुकूल सभी परिस्थितियां यहाँ उपलब्ध है बड़े फाइनेंसर से लेकर मजदूर तथा अभिनय से लेकर लेखन तक सब कुछ Indore में सुलभ है वो भी किफायती दामों में। अब आप ही बताये मैं ऐसा सपना क्यो न देखु जो पूरा हो सकता है. अब योगी जी की तर्ज़ पर मामाजी जी भी पहल करें तो बात 100 प्रतिशत बन सकती है।

यह भी पढें: स्कूल सचिव ने 52 शिक्षकों को टॉयलेट में आपत्तिजनक स्थिति में फिल्माया, फिर किया यह काम