क्या भारत का भविष्य और आने वाली पीढियां, इतिहास हमें कभी माफ करेगा?

भविष्य भारत

  • क्या भारत की सरकारे “ब्रिटिश राज पार्ट 2” व्यवस्था ला रही है!?

प्रदीप मिश्रा. भारत की खेती, खनिज, जल, जंगल, और बौध्दिक सम्पदा देश की जनता और राष्ट्र की संपत्ति है! इन्हें निजी,राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापारियों, कंपनीयो और उद्योगपतियो के हाथो में देना क्या सरकारों और सरकारी व्यवस्था की अक्षमता, अकर्मण्यता, अदूरदर्शिता और देश के साथ गद्दारी को नहीं दर्शाता है!?

सरकारों द्वारा लाए जा रहे कानून और योजनाएँ व्यापारियों, उद्योगपतियो, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनीयो के व्यापक हितों को देख कर बनाए जा रहे हैं!?

शब्दों में लोगो को लगता है कि त्वरित फायदा हो रहा है लेकिन क्रियान्वयन में ये सिर्फ शुरुवाती दौर में दिखता है! लेकिन कुछ समय बाद अंततः फायदा बड़ी कंपनीयो और धन्ना सेठ व्यापारियों और उद्योगपतियो को होता है और हम सिर्फ व्यवस्था, योजना और कानून के गुलाम हो जाते हैं!?

जो काम निजी कंपनीया, कॉर्पोरेट, और बड़ी मल्टी नेशनल कंपनीया कर सकती है वो काम सबसे ताकतवर और धनी राज्य सरकारें और भारत सरकार क्यो नही कर सकती है!?

क्या UPSC और राज्य PSC से चुने जाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों मे वो बौद्धिकता, योग्‍यता, ईमानदारी और माद्दा नहीं है! जैसा मल्टी नेशनल कंपनीयो के अधिकारियों के पास होती है!?

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